खड़गे के बयान पर मायावती का पलटवार, बोलीं- राजनीति में बढ़ती कटुता देश के लिए चिंताजनक


खड़गे के बयान पर मायावती का पलटवार, बोलीं- राजनीति में बढ़ती कटुता देश के लिए चिंताजनक
लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने देश की राजनीति में बढ़ती बयानबाजी और आपसी कटुता पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अब व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच रहा है. नेताओं की ओर से की जा रही आपत्तिजनक और जातिवादी टिप्पणियां देश की गरिमा के लिए चिंता का विषय हैं.
मायावती की यह प्रतिक्रिया पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए बयान के बाद आई है. हालांकि, अपनी पोस्ट में मायावती ने किसी नेता का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया. उन्होंने सभी दलों और नेताओं से मर्यादा बनाए रखने की अपील की.
1. भारतीय राजनीति में आपसी अविश्वास, द्वेष, कटूता, आरोप-प्रत्यारोप आदि का स्तर, गिरते-गिरते अब व्यक्तिगत स्तर पर भी काफी बेलगाम होकर असंसदीय, अमर्यादित, अपमानजनक, संकीर्ण व जातिवाद से ग्रसित होता हुआ, हिंसक बयानबाजी़ तक भी पहुँच जाना अति-दुखद तथा देश की गरिमा व मान-मर्यादा आदि के लिये भी अति-चिन्तनीय।
2. इतना ही नहीं बल्कि इससे बढ़कर शीर्ष स्तर पर भी आसीन लोगों के लिये एक-दूसरे के लिये अगर समुचित सम्मान नहीं तो आपत्तिजनक एवं विषैली राजनीति को अवश्य ही किसी भी प्रकार से बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिये, वरना ख़ासकर बढ़ती संकीर्ण व ग़रीब-विरोधी स्वार्थी राजनीति के प्रचलन के कारण लोगों का भरोसा यहाँ की राजनीतिक व्यवस्था पर कमज़ोर होना कतई भी देश व जनहित में नहीं होगा।
3. वैसे भी सरकारी स्तर पर व्यापक भ्रष्टाचार व चुनावी प्रक्रिया पर भी ऊंगली उठने के कारण जनता में पहले से ही काफी बेचैनी है और ऐसे में नेताओं के बीच आपस में नाक की लड़ाई स्थिति को और भी अधिक विषम बना रही है, जबकि जनता की चाहत देश की बढ़ती ग़रीबी, बेरोज़गारी व महंगाई आदि जैसी ज्वलन्त समस्याओं के निदान पर सभी का ध्यान केन्द्रित करने की है।
4. ऐसे में ख़ासकर सभी पार्टियों व उनके नेताओं के बीच अशोभनीय टीका-टिप्पणी व बयानबाजी का बढ़ता हुआ होड़ यहाँ राजनीतिक माहौल को और भी अधिक कड़वा व विषैला बनायेगा, जो अनुचित। सभी लोग इस ओर ज़रूर समुचित ध्यान दें तो यह बेहतर।— Mayawati (@Mayawati) October 27, 2026
राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणियों पर जताई चिंता
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारतीय राजनीति में आपसी अविश्वास, द्वेष और आरोप-प्रत्यारोप का स्तर लगातार गिर रहा है. अब बयानबाजी व्यक्तिगत हमलों तक पहुंच गई है. इसमें असंसदीय, अपमानजनक और जातिवादी टिप्पणियों के साथ हिंसक बयान भी देखने को मिल रहे हैं. उन्होंने इसे दुखद और चिंताजनक बताया.
शीर्ष नेताओं को सम्मान बनाए रखने की सलाह
बसपा प्रमुख ने कहा कि बड़े पदों पर बैठे नेताओं को एक-दूसरे के प्रति सम्मान रखना चाहिए. अगर आपसी सम्मान नहीं है, तब भी उन्हें आपत्तिजनक और नफरत बढ़ाने वाली राजनीति से बचना चाहिए. ऐसी बयानबाजी से देश की गरिमा को नुकसान पहुंचता है.
भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
मायावती ने कहा कि सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों से जनता पहले ही परेशान है. ऐसे समय में नेताओं के बीच अहंकार की लड़ाई हालात को और खराब कर सकती है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होना देश और जनता के हित में नहीं है.
गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई पर ध्यान देने की अपील
मायावती ने सभी राजनीतिक दलों से गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि जनता इन मुद्दों का समाधान चाहती है. नेताओं को बयानबाजी की होड़ छोड़कर जनहित के कामों पर ध्यान देना चाहिए. उनके मुताबिक, कटु और अपमानजनक टिप्पणियों से राजनीतिक माहौल और खराब होगा.




