पिता की लाइसेंसी पिस्टल से छात्रा ने की आत्महत्या, आठ पेज के सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

पिता की लाइसेंसी पिस्टल से छात्रा ने की आत्महत्या, आठ पेज के सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
प्रयागराज में नीट छात्रा ऋतु शर्मा ने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। आठ पेज के सुसाइड नोट में उसने ओसीडी से जूझने की बात लिखी। इधर, तीसरे राउंड में उसे एमबीबीएस सीट आवंटित हुई थी।
प्रयागराज : संगमनगरी के झूंसी अंतर्गत त्रिवेणीपुरम कॉलोनी गंगा सेक्टर में 18 वर्षीय नीट छात्रा ऋतु शर्मा ने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। हृदयविदारक पहलू यह रहा कि जिस दिन उसने यह आत्मघाती कदम उठाया, उसी दोपहर यूपी नीट यूजी काउंसलिंग के तीसरे राउंड का परिणाम जारी हुआ, जिसमें उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज, सोनभद्र में ईडब्ल्यूएस-दिव्यांग कोटे के तहत एमबीबीएस की सीट आवंटित हो गई थी। पुलिस को घटनास्थल से छात्रा द्वारा लिखा गया आठ पन्नों का मार्मिक सुसाइड नोट और प्रयुक्त .32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल बरामद हुई है।
8 पन्नों के पत्र में ओसीडी और मानसिक अवसाद का दर्द –
सुसाइड नोट में ऋतु ने लिखा कि वह विगत दो वर्षों से ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर ओसीडी जैसी गंभीर मानसिक व्याधि से जूझ रही थी। उसने लिखा, दिनभर मेरे दिमाग में परेशान करने वाले अनचाहे ख्याल आते हैं। किसी विषय को पढ़ लेने के बाद भी मन उसे बार-बार दोहराने और जांचने को मजबूर करता है। ऐसा न करने पर दिमाग डराता है कि कुछ बुरा हो जाएगा। अब मैं पूरी तरह थक चुकी हूं, ये विचार मेरी जिंदगी तबाह कर रहे हैं। उसने खुद को कमजोर, असहाय और करियर की दौड़ में पीछे छूट जाने के डर से घिरा हुआ महसूस करने की बात लिखी।
खिड़की से झांकने पर दिखा खूनी मंजर –
ऋतु के पिता डॉ. देवराज शर्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण NHAI से सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं। परिजनों ने बताया कि वह रातभर पढ़ाई कर अगले दिन दोपहर बाद कमरे से निकलती थी। सोमवार शाम 5:30 बजे तक जब दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों ने स्लाइडिंग खिड़की खोलकर देखा, जहां ऋतु का शव बिस्तर पर लहूलुहान पड़ा था। गोली बाईं कनपटी को चीरते हुए दाईं तरफ से निकल गई थी। आशंका है कि दूसरे राउंड तक सीट न मिलने की निराशा और मानसिक तनाव के कारण उसने रविवार देर रात ही यह कदम उठा लिया था।
परिजनों में कोहराम, दारागंज में अंतिम संस्कार –
घटना की जानकारी मिलते ही देहरादून में बीटेक कर रहा जुड़वा भाई ऋषिराज मंगलवार सुबह घर पहुंचा। पिता और भाई एक-दूसरे से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़े। डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम के उपरांत दारागंज घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस मामले की विधिक जांच कर रही है।




