निलंबन के तीन दिन बाद दारोगा ने की खुदकुशी, फंदे से लटका मिला 27 वर्षीय युवक का शव

निलंबन के तीन दिन बाद दारोगा ने की खुदकुशी, फंदे से लटका मिला 27 वर्षीय युवक का शव
अलीगढ़ में शराब के नशे का वीडियो वायरल होने पर निलंबित 27 वर्षीय दारोगा सुंदरम तिवारी ने बुधवार सुबह किराए के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। नाश्ता लेकर लौटे पिता ने बेटे का शव फंदे पर लटका देखा।
अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद अंतर्गत बन्नादेवी थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह 27 वर्षीय निलंबित दारोगा सुंदरम तिवारी ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। तीन दिन पूर्व सोशल मीडिया पर शराब के नशे में झूमने का वीडियो प्रसारित होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी नीरज जादौन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। बुधवार सुबह जब उनके पिता दुकान से नाश्ता लेकर लौटे, तो कमरे में बेटे का शव फंदे पर लटकता मिला। बेटे को इस हाल में देख पिता बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े।
नाश्ता लेने गए थे पिता, फोन न उठने पर हुआ अनहोनी का अहसास –
मूल रूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के परौरा गांव निवासी सुंदरम तिवारी वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक दरोगा के पद पर भर्ती हुए थे और तभी से अलीगढ़ में तैनात थे। शहर के बन्नादेवी क्षेत्र में उन्होंने छह दिन पहले ही डोरीलाल शर्मा के मकान में किराए का कमरा लिया था, जहां वे अपने पिता श्रीचंद्र तिवारी के साथ रह रहे थे।
#AligarhPolice
उपनिरीक्षक द्वारा आत्महत्या कर लेने की सूचना प्राप्त होने पर #SSP_Aligarh द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। फील्ड यूनिट टीम द्वारा साक्ष्य संकलित किये गये ।#SSP_Aligarh द्वारा दिवंगत उपनिरीक्षक के परिजनों को सांत्वना देकर ढ़ांढस बँधाया ।
— ALIGARH POLICE (@aligarhpolice) November 4, 2026
पिता ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 8:00 बजे वह नाश्ता लेने बाहर गए थे। दुकान से उन्होंने सुंदरम को कई बार कॉल किया, लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। अनहोनी की आशंका पर जब वह कमरे पर पहुंचे, तो दरवाजा खुला था और अंदर सुंदरम फंदे पर लटका हुआ था।
नशे की शिकायतों के बाद दो बार चौकियों से हटाए गए थे –
परिजनों के अनुसार, तीन दिन पहले दीवानी कचहरी परिसर के बाहर वर्दी में नशे की हालत में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिस पर संज्ञान लेते हुए एसएसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद से ही सुंदरम गहरे अवसाद और मानसिक तनाव में थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रशिक्षण उपरांत उनकी पहली तैनाती खैर थाने की बरका चौकी पर हुई थी। नशे की आदत के कारण मिली शिकायतों पर उन्हें वहां से हटाकर बरला चौकी भेजा गया। वहां भी कार्यशैली में सुधार न होने पर कुछ माह पूर्व उन्हें पुलिस लाइन ट्रांसफर कर दिया गया था।
शादी की चल रही थी बात, परिजनों में मचा कोहराम –
सुंदरम तिवारी अविवाहित थे और परिवार में उनकी शादी के लिए बातचीत चल रही थी। उनकी मां और भाई छतरपुर में रहते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बन्नादेवी थाने की पुलिस और फॉरेंसिक यूनिट ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की छानबीन कर रही है।




