टॉप न्यूज़

‘फांसी नहीं, उम्रकैद हो सकती थी’, मुस्कान-साहिल की वकील का बयान

मुस्कान साहिल की वकील रेखा जैन ने कहा कि इस मामले में दोनों से बात कर हाई कोर्ट में अपील की जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने फांसी की सजा पर भी ऐतराज जताया.

 

उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीले ड्रम केस में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को अदालत ने आज फांसी की सजा सुनाई. इस पर मुस्कान और साहिल की वकील रेखा जैन ने कहा कि उन्हें लगता है कि इस केस में उम्रकैद की सजा हो सकती है, मृत्यु दंड नहीं बन रहा था. उन्होंने कहा कि साहिल और मुस्कान से बातचीत के बाद हाईकोर्ट में अपील की जाएगी.

कोर्ट में फैसले के बाद बात करते हुए रेखा जैन ने कहा, “मैंने बचाव पक्ष का अच्छे से पक्ष रखा है और हम कोर्ट के मौजूदा आदेश को मानते हैं. दोषी ठहराए गए दोनों लोग हाई कोर्ट में अपील करने के लिए जेल सुपरिटेंडेंट से बात करना चाहते हैं. आखिर में, सज़ा की पुष्टि हाई कोर्ट से ही होनी है. एक कमेटी को तीन महीने के अंदर इस पर विचार करना होगा और तय करना होगा कि मौत की सज़ा दी जाए या नहीं.”

हाईकोर्ट की कमेटी करेगी समीक्षा 

रेखा जैन ने आगे कहा कि यह सिर्फ मौजूदा फैसले को बदलने का मामला नहीं है. हाई कोर्ट की कमेटी पहले मामले की समीक्षा करेगी और पुष्टि मिलने के बाद ही सजा पर अमल किया जा सकता है. उन्हें अपील करने का पूरा अधिकार है और उस प्रक्रिया को हाई कोर्ट तय करेगा. यह मामला हालात से जुड़े सबूतोंपर आधारित है. अभियोजन पक्ष ने कोई सीधा सबूत पेश नहीं किया है, और न ही चार्जशीट में बताई गई मुख्य बातें पेश की हैं. इसलिए, मेरी राय में, सज़ा ‘मौत होने तक फांसी’ की नहीं होगी, मैं कोशिश कर रही हूं कि सजा सिर्फ उम्रकैद तक ही सीमित रहे.

एक साल से ज्यादा चला ट्रायल 

इस केस का ट्रायल 13 से 16 महीने तक चला. जिसमें कुल 126 पेशियां हुईं और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए.  दोनों हत्यारोपियों ने शव के 15 से ज्यादा टुकड़े कर नीले ड्रम में भर दिए थे. जिसके चलते ये केस नीला ड्रम केस के नाम से चर्चित हुआ था. उधर सौरभ की मां और उसके परिजनों ने अदालत के फैसले पर संतोष जाहिर किया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!